Sunday, March 14, 2010

"Kuch Panktiyan Dunaiya Ke Sabse Kubsurut Mahila Ke Bare Me""



नमस्कार दोस्तों आज बहुत दिनों बाद कुछ किया
दरअसल इसे लिखने में समय लगा और कुछ जीवन के व्यस्तताओं में समय निकल पाना मुस्किल रहा उसके लिए छमा करना
आपका अपना - :- अनुज शर्मा "pndit"

अगर आपको इसमें से कोई पंक्ति आपके मन को छु जाये तो ज़रूर बताना । मुझे आपके अनुभवो का इंतजार रहेगा.....

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कविता के सभी अधिकार सुरछित हैं... अनुज शर्मा "Pndit"

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